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  • ऋषभ पाण्डेय

वार्मअपः नये साल का नया मैच

अंग्रेजी कलैंडर के हिसाब से नया साल शुरू हो गया, कहते हैं कि यथानाम तथा गुणः ये 2020 का मैच किसके लिए खुशखबरी लेकर आयेगा और किसके लिए दुःखखबरी ये तो समय ही बताएगा, लेकिन फिर भी आपका हर दिन खुशी-खुशी बीते यही कामना करता हूं। जनवरी महीना इस (साल) 2020 मैच की पहली इनिनिंग है। जो निर्णय करेगी की- 1. खरमास के बाद किसका किसका विकेट गिर जाएगा जो पिछले कई मैचों में सिंगल या डबल नाबाद खेलता आया है। 2. किसकी अगली पारी (फरवरी का वैलेन्टाइन वीक) सुखद और अपने साथी खिलाड़ी के साथ आराम से गुजरेगा। 3. किसकी तीसरी पारी (मार्च का बोर्ड पेपर) अच्छा स्कोर करने में उसकी मदद करेगी और उसके प्रमोशन का रास्ता बनाएगी और समाज में एक नया गौरव दिलवाएगी। 4. किसके आगे की पारियां उसके जीवन में नन्हे खिलाड़ियों को टीम में लाकर उसकी खुशियों में चार चांद लगवाएगी। इत्यादि....

आज साल के पहले महीने की 16 वीं तारिख को ये ब्लाग लिखने का कोई खास प्रयोजन नहीं है, बस लिखने का मन हुआ तो सोचा कि मैच के लिए तैयारी स्वरूप थोड़ा वार्मअप कर लिया जाए। तो बस लैपटाप के बगल में चाय की प्याली को रखकर थोड़ा सा आस पास के माहौल को शब्दो में परोसने की छोटी सी कोशिश कर रहा हूं, बाकि सब आपकी प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करता है कि आप इसे कितना आत्मसात करेंगे और पसंद करेंगे। 2020 के पहले मैच ( जनवरी इनिनिंग ) से ही कई लोगों ने माया की माया समझे बिना ये कहना शुरू कर दिया की मकर संक्रान्ति के बाद ठण्डी खत्म हो जाएगी और अपने रजाई, जैकेट धुल कर फैला दिए। अच्छा, वैसे कई लोग ठण्डी वाले कपड़ों से घिरे लोगों की भीड़ में अपने कम कपड़े पहनने की कला को हॉटनेस की संज्ञा देते हैं लेकिन वही लोग अगले दिन पंजों में गरम तेल लगवा के सिकवाते हुए और काढा पीते-पीते नाकों से दिव्य द्रव्य की धारा बहाते हुए नजर आते हैं। मैं मकर संक्रान्ति और माया की बात कर रहा था, तो ऊपरवाले ने नीचेवालों को ऐसी स्विंग कराई की मकर संक्रान्ति (कल 15 जनवरी 2020) की सुबह से लेकर अभी तक बारिश ही नहीं रूकी... भगवान जी ने उन सबको चकमा देते हुए क्लीन बोल्ड कर दिया जो चुपचाप रन लेकर जनवरी का मैच जीतने की फिराक में थे। अभी ये ब्लाग बस एक वार्म अप ही था तो मैं आपका ज्यादा समय नहीं लूंगा लेकिन अगर आपको पसंद आया तो मैं हर मैच पर पूरी कमेंट्री भी कर सकता हूं, बशर्ते की मेरी कीमती मेहनत ज़ाया ना जाये (हा हा हा... मज़ाक तक) अगर आप भी इस बारिश के गवाह हैं तो चाय-पकौड़ी खाइए और खुशी मनाइए की घरवालों के साथ पूरे दिन का समय बिता लिया है आपने... साल की शुभकामनाएं देना मेरा उद्देश्य है इसलिए अच्छी और पॉजिटिव आशंकाएं ही जताई है मैने संभावनाएं इससे भी बेहतर की बन सकती हैं। आप अपना शत प्रतिशत दीजिए-जो होगा अच्छा ही होगा....

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